पथरी का इलाज

                                   पथरी का इलाज

पथरी का इलाज : क्या आपको पता है कि ज्यादा समय तक कम्प्यूटर ,

वीडियों गेम या टीवी में उलझे रहना ऐसे रोगों को बढ़ावा देते है।

और अधिक मात्रा में तला व भोजन करना तथा वसा युक्त आहार का सेवन करना पत्थरी को बढ़ावा देता है।

प्राय कैल्शियम की जमावट ,मूत्राशय की नलिका में रुकावट आती है।

यह अंत स्त्रावी ग्रंथियों से जुड़ी एक विकृति है जिसके कारण की शरीर में कैल्शियम की मात्रा बढ़ जाती है।

अगर ये कैल्शियम पेशाब के जरिये बाहर निकल जाए तो बेहतर होता है ,

नहीं तो गुर्दे की कोशिकाओं में जमा हो जाता है और पथरी का रूप ले लेता है।

पेशाब में कैल्शियम की अधिकतम मात्रा हाइपरकैल्सियूरिया कहलाता है।

यह समस्या प्राय अधिकतम वसा युक्त भोजन खाने से होती है।

यदि पथरी है तो टमाटर , आलू , पालक आदि अधिक नहीं खाने चाहिए क्योंकि इनसे ऑग्जेलेट की मात्रा अधिक बड़ती है।

यदि पथरी से बचना है तो पानी अधिकतम मात्रा में पीना चाहिए। प्राय हर घंटे 200 मिली पानी पीना चाहिए।

क्या आपको पता है कि यदि एक बार पत्थरी हो जाए तो वो बाद में दोबारा भी हो सकती है।

में आपको कुछ आसान घरेलू नुस्खे बताउंगी जो पत्थरी को ठीक करने में लाभदायक होते हैं।

परन्तु इसके साथ साथ डाक्टर को भी दिखाते रहें ।

आइए तो जानते हैं कुछ आसान घरेलू नुस्खे ।

1 सेब का सिरका – सेब का सिरका पत्थरी घोलने में मदद करता है ।

सेब का सिरका लें तथा एक गिलास गर्म पानी का ले तथा उसमें एक चमच शहद डाल कर मिक्स कर दें

तथा दिन में कम से कम दो या तीन बार पिएं या इसका सेवन करें ।

2 अनार – अनार और अनार के बीज पत्थरी को घोलने में मदद करते हैं ।

रोज कम से कम एक अनार खाएं ।

अनार के बीजों को निकाले और उसको पिस कर उसका पाउडर बना लें ।

रोज एक गिलास बराबर दाल चने का सूप बनाए तथा उसमें एक चमच अनार के बीज का पाउडर डालें और

इसका सेवन रोज करें धीरे- धीरे आपकी पत्थरी गल जाएगी ।

3 अजवायन – अपनी किडनी में पत्थरी बनने से रोकने के लिए रोज एक गिलास अजवायन के जूस का सेवन करें ।

4 तुलसी – प्राय तुलसी को किडनी स्वास्थ्य के लिए फायेदेमंद माना जाता है ।

यह पत्थरी को मूत्र मार्ग से बाहर निकालने में मदद करता है ।

रोज सुबह एक एक चमच तुलसी के पत्ते का रस तथा शहद को मिक्स करके इसका सेवन करने से पत्थरी कि समस्या दूर होती है ।

यदि आप रोज ऐसा करते है तो 5 या 6 महीनो में पत्थरी खुद ही ख़त्म हो जाएगी ।

5 राजमा – राजमा में अत्यधिक फाईबर होता है ।

जो कि किडनी तथा मूत्राशय कि समस्या को दूर करता है ।

ताजा राजमा के बीजों को निकाले तथा इसे पानी में डाल ककर उबलने के लिए रहने दें जब तक की ये नरम न हो जाएँ ।

नरम हो जाने पर पानी छानकर अलग कर दें तथा ठंडा होने पर ये पानी पिएं ।

दिन में कम से कम दो या तीन बार इसका सेवन करें ।

जो भी उपर आपको नुस्खें बताए गए है उनका रोज प्रयोग करें फिर भी अगर आराम नही होता है तो डाक्टर को तुरंत दिखाएँ ।